2026 में कुल 4 ग्रहण होंगे — 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण। अगला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण है, 12 अगस्त 2026 को।
नीचे दी गई तारीखें और प्रकार NASA-स्रोत खगोलीय डेटा से लिए गए हैं। दृश्यता क्षेत्र वैश्विक है; भारत में किसी विशेष शहर से ग्रहण देखा जा सकेगा या नहीं, यह स्थानीय भूगोल और समय पर निर्भर करता है।
| तारीख | प्रकार | दृश्यता क्षेत्र |
|---|---|---|
| 17 फ़र॰ · 2026 | वलयाकार सूर्य ग्रहण | Antarctica, S Africa |
| 12 अग॰ · 2026 | पूर्ण सूर्य ग्रहण | Greenland, Iceland, Spain |
| 6 फ़र॰ · 2027 | वलयाकार सूर्य ग्रहण | Argentina, Africa |
| 2 अग॰ · 2027 | पूर्ण सूर्य ग्रहण | Spain, North Africa, Middle East — longest of the century, 6 min 23 sec |
| 3 मार्च · 2026 | पूर्ण चंद्र ग्रहण | Pacific, Americas, E Asia |
| 28 अग॰ · 2026 | आंशिक चंद्र ग्रहण | Americas, Africa, Europe |
| 20 फ़र॰ · 2027 | उपछाया चंद्र ग्रहण | Americas, Africa, Europe |
| 18 जुल॰ · 2027 | उपछाया चंद्र ग्रहण | Antarctica, Indian Ocean |
| 17 अग॰ · 2027 | उपछाया चंद्र ग्रहण | Asia, Australia |
📍 विशिष्ट शहर में दृश्यता की पुष्टि के लिए स्थानीय खगोलविद या तारामंडल से सलाह लें।
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी पर पहुँचने से रोक देता है। यह केवल अमावस्या (नया चाँद) के दिन हो सकता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है; वलयाकार (annular) ग्रहण में चंद्रमा थोड़ा दूर होने के कारण सूर्य के चारों ओर एक चमकदार वलय दिखाई देता है।
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह केवल पूर्णिमा को हो सकता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्रमा गहरे लाल रंग का दिखाई दे सकता है — इसे कई बार "ब्लड मून" कहा जाता है।
सुरक्षा चेतावनी: सूर्य ग्रहण को बिना प्रमाणित सोलर फिल्टर (ISO 12312-2) के कभी न देखें — आँखों को स्थायी नुकसान हो सकता है। चंद्र ग्रहण को नंगी आँखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।